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Tuesday, January 17, 2017

अनुक्रमणिका










6 comments:

  1. बिलकुल उचित कदम ... यह आपका अधिकार है ... और जो भी ऐसा कर रहा है या करने की सोच रहा है ... भगवान् उसे सदबुद्धि दें !
    जय हिंद !

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  2. बहुत ही बढ़िया ब्लॉग और प्रयास है आपका.

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  3. नमस्कार जय दीप जी
    सर्व प्रथम आपके इस शानदार कार्य के लिए हार्दिक बधाई व अभिनन्दन

    अभी हाल ही में नेताजी के ड्राईवर रह चुके १०७ वर्षीया श्री निजामुद्दीन जी ने भी नेता जी के बारे में अहम खुलासा किया है की उन्होंने नेता जी को दुर्घटना के ३ ४ माह बाद देखा था
    यह एक महत्वपूर्ण प्रमाण है
    इस पर अधिक जानकारी अपने ब्लॉग पर देने की कृपा करें

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  4. साथियों,
    जय हिन्द.
    सबसे पहले तो आप सबका आभार कि आप समय निकाल कर इस ब्लॉग तक पहुँच रहे हैं (आज विजिटर्स की संख्या 10,000 से ऊपर दीख रही है.)
    दूसरी बात अभिषेक जी के लिए है. नेताजी के ड्राईवर रहे श्री निजामुद्दीन जी के बयान वाले वेबसाईट के मैटेरियल को भी मैंने कॉपी किया था- जिसमें उन्होंने नेताजी को 18 अगस्त 1945 के कुछ महीनों बाद देखने की बात कही थी; मगर दुर्भाग्य से, अपने संग्रह में से अभी उस मैटर को खोज नहीं पा रहा हूँ.
    शायद इस लेखमाला में उनका भी जिक्र होना चाहिए था. मैं माफी चाहता हूँ.
    जैसे ही फिर से वह जानकारी हाथ लगेगी, मैं जिक्र करूँगा.
    ईति.

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  5. एक स्पष्टीकरण: इस स्थान पर पहले एक दूसरी पोस्ट (वर्ष 2011 में) थी, जिसमें मैंने पाठकों से यह अनुरोध किया था कि इस ब्लॉग की सामग्री को कहीं उद्धृत करते समय स्रोत का जिक्र अवश्य करें. मैंने यह भी बताया था कि मैंने इस रचना पर 'कॉपीराइट' के लिए आवेदन दे रखा है. बाद में जब (2013 में) इस पर कॉपीराइट मिल गयी, तब मैंने इस पोस्ट को "ड्राफ्ट" में बदल कर सहेज दिया था. ऊपर की टिप्पणियाँ उसी समय की हैं.
    अभी मैंने देखा कि "मोबाइल" (स्मार्टफोन ) पर इस ब्लॉग को देखते समय बाँये तरफ हाशिये में जो "अनुक्रमणिका" (विषय-सूची) है, वह नहीं दिखती है. बिना विषय-सूची के 'शुरु से' 'अन्त तक' इस लेखमाला को पढ़ना मुश्किल है, अतः मैंने इस "ड्राफ्ट" वाली पोस्ट को अनुक्रमणिका बना दिया और इस पर नयी तारीख भी डाल दी.
    कहने का तात्पर्य ऊपर की टिप्पणियाँ (जो कि 2011 की हैं) "अनुक्रमणिका" से सम्बन्धित नहीं हैं, बल्कि इनका सम्बन्ध एक पुरानी पोस्ट से है, जो 2011 में यहाँ थी.
    धन्यवाद.

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